From the Diary of Annie Frank -by Annie Frank Hindi explanation first flight english 10




About the Author 

Anne Frank was born on 12 June 1929 to a lower or middle-class Jewish family in Frankfurt, Germany Due to Hitler threat her family forced to go into hiding with another family at the back building of the family business. While there Anne faithfully keeps a diary describing everyday situations and her thoughts and beliefs. learn more

 About the Lesson 

This lesson is based upon the biography of a German - born Jewish girl who wrote while in hiding with her family and four friends in Amsterdam during the German occupation of the Netherlands in World War II .

From the Diary of Annie  Frank -by Annie  Frank

Writting in a diary is realy strange experiance for someone like me . Not only because I h've never written anything before , but also because it seems to me that later on neither I nor anyone else Writing in a diary is a really strange experience for someone like me . Not only because I've will be interested in the musings of a thirteen - year - old schoolgirl . Oh well , it doesn't matter . I feel like writing , and I have an even greater need to get all kinds of things off my chest . Paper has more patience than people . ' I thought of this saying on one of those days when I was feeling a little depressed and was sitting at home with my chin in my hands , bored and listless , wondering whether to stay in or go out . I finally stayed where I was , brooding : Yes , paper does have more patience , and since I'm not planning to let anyone else read this stiff - backed notebook grandly referred to as a ' diary ' , unless I should ever find a real friend , it probably won't make a bit of difference . मेरे समान किसी को  डायरी लिखना वास्तव में एक विचित्र अनुभव है । इसलिए नही कि  मैंने पहले कभी कुछ नहीं लिखा है , बल्कि  इसलिए भी क्योंकि मुझे महसूस  होता है कि मैं न तो स्वयं तथा न ही कोई और व्यक्ति तेरह वर्ष की स्कूल की लड़की के विचारों में रुचि रखेगा । ठीक है , इसका कोई महत्व नहीं हैं । मैं लिखना चाहती हूँ तथा मुझे इससे भी अधिक आवश्यकता अपने हृदय से सभी चीजे बाहर निकालने की है ।


 Paper has more patience than people . ' I thought of this saying on one of those days when I was feeling a little depressed and was sitting at home with my chin in my hands , bored and listless , wondering whether to stay in or go out . I finally stayed where I was , brooding : Yes , paper does have more patience , and since I'm not planning to let anyone else read this stiff - backed notebook grandly referred to as a ' diary ' , unless I should ever find a real friend , it probably won't make a bit of difference .कागज में लोगों की अपेक्षा  अधिक सहनशीलता है । मैंने इस  बारे में उन दिनों सोचा जबकि मैं थोड़ी सी उदासी अनुभव कर रही थी और अपने हाथों में अपनी ठोड़ी को पकड़े घर मे  बैठी हुई थी , उदास शक्तिहीन तथा यह सोचती हुई कि क्या मुझे घर में रहना चाहिए था बाहर जाना चाहिए या बाहर जाना चाहिए । अन्त में जहाँ थी वहीं पर सोचते हुए बैठी रही । हाँ , कागज में तो अधिक सहनशीलता है ही क्योंकि मेरी योजना है कि प्रत्येक व्यक्ति मेरी इस सख्त जिल्द वाली कापी जिसे लोग शान से डायरी कहते हैं , पढ़ें जब तक कि मुझे एक वास्तविक मित्र नहीं मिलता , इससे शायद कोई फर्क नही पड़ता 

Now I'm back to the point that prompted me to keep a diary in the first place : I don't have a friend . Let me put it more clearly , since no one will believe that a thirteen - year - old girl is completely alone in the world . And I'm not . I have loving parents and a sixteen - year - old sister , and there are about thirty people I can call friends .' . अब मैं फिर उसी महत्वपूर्ण बात पर आती हूँ जिसने मुझे सर्वप्रथम एक डायरी रखने की प्रेरणा दी थी : मेरा कोई मित्र नहीं है । मैं और स्पष्ट से कह दूं , क्योंकि इस बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा कि तेरह वर्षीय लड़की संसार में बिल्कुल अकेली है । तथा मैं हूँ भी नहीं । मेरे प्रिय माता - पिता हैं , सोलह वर्षीय बहन है , तथा लगभग तीस व्यक्ति ऐसे हैं जिन्हें मैं मित्र कह सकती हूँ ।  I


 have a family , loving aunts and a good home . No , on the surface seem to have everything , except my one true friend . All I think about when I'm with friends is having a good time . I can't bring myself to talk about anything but ordinary everyday things . We don't seem to be able to get any closer , and that's the problem . Maybe it's my fault that we don't confide in each other . In any case , that's just how things are , and unfortunately they're not liable to change . मेरा परिवार है , प्रिय चाचियाँ हैं तथा एक अच्छा घर है । नहीं , ऊपर से तो लगता है कि मेरे पास सभी कुछ है सिवाय एक सच्चे मित्र के । जब मैं अपने मित्रों के साथ होती हूँ तो मैं केवल मौज - मस्ती के बारे में सोचती हूँ । मैं साधारण प्रतिदिन की बातों के अतिरिक्त किसी और बात के बारे में नहीं सोच सकती । हम और नजदीक आते प्रतीत नहीं होते तथा यही एक समस्या है । हो सकता है कि यह मेरा दोष है कि हम एक - दूसरे को अपने भेद नहीं बता सकते । फिर भी ऐसी ही स्थिति है तथा दुर्भाग्यवश यह बदल नहीं सकती । 


This is why I've started the diary . To enhance the image of this long - awaited friend in my imagination , I don't want to jot down the facts in this diary the way most people would do , but I want the diary to be my friend , and I'm going to call this friend ' Kitty यही कारण है कि मैंने डायरी आरम्भ की है । अपनी कल्पना में इस चिर - प्रतिक्षित मित्र के चित्त को बढ़ाने के लिए मैं इस प्रकार के तथ्यों को लिखना नहीं चाहती जैसा कि अधिकांश लोग करते हैं पर मैं चाहती हूँ कि डायरी मेरी मित्र बने और मैं इस मित्र को किट्टी पुकारूँगी ।



 Since no one would understand a word of my stories to Kitty if I were to plunge right in , I'd better provide a brief sketch of my life , much as I dislike doing so .
 My father , the most adorable father I've ever seen , didn't marry my mother until he was thirty
six and she was twenty - five .किसी को भी , यदि मैं तुरन्त कहना चाहूँ , किट्टी को सुनाई गई कहानियों का एक भी शब्द समझ नहीं आएगा , मैं न चाहते भी , चाहूंगी कि अपने जीवन का एक संक्षिप्त चित्रण प्रदान करूं । मेरे पिता ने , जिन्हें मैंने सबसे अधिक पूजनीय पाया है , मेरी माता से तब तक विवाह नहीं किया जब तक कि उनकी आयु छत्तीस वर्ष की तथा माता की आयु पच्चीस वर्ष की नहीं हो गई । 

 My sister , Margot , was born in Frankfurtin Germany in 1926.I was born on 12 June , 1929. I lived in Frankfurt until I was four . My father emigrated to Holland in 1933. My mother , Edith Hollander Frank , went with him to Holland in September , while Margot and I were sent to Aachen to stay with our grandmother . Margot went to Holland in December , and I followed in February , when I was plunked down on the table as a birthday present for Margot . मेरी बहन मारगोट का जन्म जर्मनी के शहर “ फ्रैंकफर्ट में 1926 में हुआ मेरा जन्म 12 जून 1929 को हुआ । मैं चार वर्ष की आयु तक फ्रैंकफर्ट में रही । मेरे पिता 1933 में हॉलैण्ड जाकर बस गए । मेरी माता ऐडिथ हौलेन्डर फ्रैंक उनके साथ रहने के लिए सितम्बर में गई जबकि मारगौट तथा मैं अपनी दादी माँ के साथ रहने आचन चली गई । मारगौट दिसम्बर में हॉलैण्ड चली गई तथा मैं उसके पीछे - पीछे फरवरी में उस समय चली गई जब कि मुझे मारगौट के लिए जन्मदिन के उपहार के रूप में मेज पर रख दिया गया ।



 I started right away at the Montessori nursery school . I stayed there until I was six , at which time I started in the first form . In the sixth form my teacher was Mrs Kuperus , the headmistress . At the end of the year we were both in tears as we said a heartbreaking farewell . In the summer of 1941 Grandma fell ill and had to have an operation , so my birthday passed with little celebration . Grandma died in January 1942. मैंने तुरन्त मान्टेसरी नर्सरी स्कूल में पढ़ाई आरम्भ कर दी । वहाँ मैं छः वर्ष की आयु तक रही जिस समय मैंने प्रथम कक्षा की पढ़ाई आरम्भ की । छठी कक्षा में मेरी अध्यापिका , मुख्याध्यापिका श्रीमती क्यूपरस थीं । वर्ष के अन्त में जब हमने हृदय को तोड़ने वाली अलविदा कही उस समय हम दोनों की आँखों में आँसू थे । 1941 की ग्रीष्म ऋतु में दादी माँ बीमार हुई तथा उनका ऑपरेशन करवाना पड़ा । इसलिए मेरा जन्म - दिवस बिना उत्सव के गुजरा । दादी माँ की मृत्यु जनवरी 1942 में हुई । 



 No one knows how often I think of her and still love her . This birthday celebration in 1942 was intended to make up for the other , and Grandma's candle was lit along with the rest . The four of us are still doing well , and that brings me to the present date of 20 June 1942 , and the solemn dedication of my diary .कोई नहीं जानता कि मैं उनके बारे में कितना सोचती हूँ तथा अब भी उन्हें प्रेम करती हूँ । 1942 में यह जन्म - दिवस उत्सव दूसरे की क्षतिपूर्ति के आशय से मनाया गया तथा दूसरी मोमबत्तियों के साथ दादी माँ की मोमबत्ती भी जलाई गई । हम चारों का स्वास्थ्य अभी भी अच्छा है तथा इसके साथ मैं आज की तारीख 20 जून 1942 पर आती हूँ तथा अपनी डायरी के प्रति पवित्र समर्पण पर ।


 Saturday , 20 June 1942 Dearest Kitty , Our entire class is quaking in its boots . The reason , of course , is the forthcoming meeting in which the teachers decide who'll move up to the next form and who'll be kept back . Half the class is making bets . G.N. and I laugh ourselves silly at the two boys behind us , C.N. and Jacques , who have staked their entire holiday savings on their bet .शनिवार , 20 जून 1942 प्रियतम किट्टी , हमारी पूरी कक्षा पूर्णतया भय व घबराहट से कांप रही थी । निःसंदेह , कारण है आने वाली सभा जिसमें अध्यापक यह निर्णय लेंगे कि कौन अगली कक्षा में जाएगा तथा किसे पीछे ही रखा जाएगा । आधी कक्षा शर्त लगा रही है । जी.एन. तथा मैं अपने पीछे दो लड़कों सी.एन. तथा जैक्स पर मूर्खता से हँसती हूँ । जिन्होंने छुट्टियों की पूरी बचत को दांव पर लगाने का जोखिम उठाया है ।


  From morning to night , it's " You're going to pass " , " No , I'm not " , " Yes , you are " , " No , I'm not ” . Even G.'s pleading glances and my angry outbursts can't calm them down . If you ask me , there are so many dummies that about a quarter of the class should be kept back , but teachers are the most unpredictable creatures on earth .  प्रातः से लेकर रात तक यही चलता है , ' तुम पास हो जाओगे , ' नहीं मैं नहीं ' , ' हाँ तुम ' , नहीं मैं नहीं । यहाँ तक कि जी.एन. की नजरें तथा मेरा क्रोध से भड़कना उन्हें शांत नहीं कर सकता । यदि तुम मुझसे पूछो , इतने अधिक विद्यार्थी मूर्ख हैं कि एक चौथाई कक्षा को पीछे रोकहूँ । फिर भी हम केवल प्रतीक्षा ही तो कर सकते हैं । तब तक एक - दूसरे को साहस न छोड़ने को कहते रहते हैं । मेरी अपने सभी : लेना चाहिए परन्तु अध्यापक पृथ्वी पर ऐसा प्राणी है जिनके बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता ।


 I'm not so worried about my girlfriends and myself . We'll make it . The only subject I'm not sure about is maths . Anyway , all we can do is wait . Until then , we keep telling each other not to lose heart . I get along pretty well with all my teachers . There are nine of them , seven men and two women . Mr Keesing , the old fogey who teaches maths , was annoyed with me for ages because I talked so much . After several warnings , he assigned me extra homework . An essay on the subject , ' A Chatterbox ' . A chatterbox - what can you write about that ? I'd worry about that later , I decided . I jotted down the title in my notebook , tucked it in my bag and tried to keep quiet . मुझे स्वयं की तथा अपनी सहेलियों की इतनी चिन्ता नहीं है । हम सफल होंगे । केवल एक विषय गणित के बारे में निश्चित नहीं अध्यापकों के साथ अच्छी बनती है । वे संख्या में नौ हैं जिसमें सात पुरुष व दो महिलाएँ । श्रीमान कीसिंग , पुराने विचारों वाला बूटा व्यक्ति , जो गणित पढ़ाता है , मुझसे वर्षों से नाराज था क्योंकि मैं बहुत बोलती थी । कई चेतावनियों के पश्चात् उसने मुझे घर पर करने के लिए फालतू कार्य दिया ' बातूनी ' विषय पर निबन्ध । एक ' बातूनी ' पर आप क्या लिख सकते हैं ? मैंने फैसला किया कि इसकी चिन्ता मैं बाद में करूंगी । मैंने इस विषय को अपनी कॉपी में लिख लिया , कॉपी को बस्ते में रखा तथा चुप रहने का प्रयत्न किया ।


 That evening , after I'd finished the rest of my homework , the note about the essay caught my eye . I began thinking about the subject while chewing the tip of my fountain pen . Anyone could ramble on and leave big spaces between the words , but the trick was to come up with convincing arguments to prove the necessity of talking .उस सायं को घर का दूसरा कार्य समाप्त करने के पश्चात् निबन्ध के बारे में लिखे शब्दों पर मेरी नजर पड़ी । अपने पेन की नोंक को चबाते हुए , मैंने इस विषय के बारे में सोचना आरम्भ किया । कोई भी शब्दों के बीच अधिक स्थान छोड़कर लिख सकता था । परन्तु चालाकी तो इस बात में थी कि बोलने की आवश्यकता को विश्वास दिलाने वाले तर्क से प्रमाणित किया जाए । 


 I thought and thought , and suddenly I had an idea . I wrote the three pages Mr Keesing had assigned me and was satisfied . I argued that talking is a student's trait and that I would do my best to keep it under control , but that I would never be able to cure myself of the habit since my mother talked as much as I did if not more , and that there's not much you can do about inherited traits . मैं सोचती रही और सोचती रही तथा अचानक मुझे एक विचार सूझा । मैंने श्रीमान् कीसिंग द्वारा कहे गए तीन पृष्ठ लिख दिए तथा मैं संतुष्ट थी । मैंने तर्क दिया कि बोलना तो विद्यार्थी का एक विशेष गुण है तथा मैं इसे यथाशक्ति अपने नियंत्रण में रखूगी , परन्तु मैं अपनी इस आदत को पूर्णतया कभी छोड़ नहीं पाऊंगी यदि अधिक नहीं तो मेरी माँ भी इतना ही बोलती थी तथा आप विरासत में मिले गुणों के बारे में अधिक कुछ नहीं कर सकते ।

 Mr Keesing had a good laugh at my arguments , but when I proceeded to talk my way through the next lesson , he assigned me a second essay . This time it was supposed to be on ' An Incorrigible Chatterbox ' . I handed it in , and Mr Keesing had nothing to complain about for two whole lessons . However , during the third lesson he'd finally had enough . Anne Frank , as punishment for Thinking in class , write an essay entitled - ' Quack , Quack , Quack , Said Mistress Chatterbox ' . " श्रीमान् कीसिंग मेरे तर्क पर बहुत हँसे , पर जब मैं अगले पाठ में फिर बोलने लगी तब उन्होंने मुझे एक और निबन्ध दे दिया । इस बार यह था । ‘ एक ऐसा बातूनी जिसे सुधारा न जा सके । ' " मैंने यह भी लिखकर दे दिया तथा श्रीमान् कीसिंग ने अगले दो पूरे पाठों तक शिकायत नहीं की । पर तीसरे पाठ के दौरान काफी हो चुका था । कक्षा में बोलने के लिए दण्ड के रूप में " क्वैक , क्वैक , क्वैक , मिस्ट्रैस चैटरबॉक्स ने कहा , विषय पर निबन्ध लिखो । 


The class roared . I had to laugh too , though I'd nearly exhausted my ingenuity on the topic of chatterboxes . It was time to come up with something else , something original . My friend , Sanne , who's good at poetry , offered to help me write the essay from beginning to end in verse and I jumped for joy . Mr Keesing was trying to play a joke on me with this ridiculous subject , but I'd make sure the joke was on him . कक्षा में शोर हुआ । मुझे भी हंसना पड़ा यद्यपि ' वातूनी ' विषयों पर लिखने का मेरा कौशल समाप्त हो चुका था । अब समय आ गया था किसी और विषय पर लिखने का , किसी मौलिक विषय पर । मेरी सहेली सेनी ने इस निबन्ध को आरम्भ से अन्त तब पद्य में लिखने में सहायता की पेशकश की और मैं खुशी से उछल पड़ी । श्रीमान कीसिंग हास्यास्पद विषय से मेरे साथ मजाक करने का प्रयत्न कर रहे थे , परन्तु मैंने यह सुनिश्चित किया कि मजाक उनके साथ हो । 



 I finished my poem , and it was beautiful ! It was about a mother duck and a father swan with three baby ducklings who were bitten to death by the father because they quacked too much . Luckily , Mr Keesing took the joke the right way . He read the poem to the class , adding his own comments , and to several other classes as well . Since then I've been allowed to talk and haven't been assigned any extra homework . On the contrary , Mr Keesing's always making jokes these days . Yours , Anne [ [ Extracted from The Diary of a Young Girl , with slight adaptation ] )मैंने अपनी कविता समाप्त किया और यह सुन्दर थी । यह एक मा बत्तख थी , व पिता हंस तथा तीन छोटे बच्चों के बारे में थी , जिन्हें पिता ने काट कर इसलिए मार डाला था क्योंकि वे बहुत बोलते थे । सौभाग्य से श्रीमान् कीसिंग ने मजाक तुरन्त पकड़ लिया । उसने अपनी टिपणी को जोड़कर उस कविता को कक्षा को सुनाया तथा दूसरी कक्षाओं को भी सुनाया । तब से अब तक मुझे बोलने की अनुमति है तथा मुझे कोई फालतू घर का कार्य नहीं दिया गया । इसके विपरीत , कीसिंग आजकल सदैव मजाक करते रहते हैं ।

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1 Post a Comment:

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Anmol Mishra
admin
June 26, 2021 at 5:16 PM ×

Very interesting sir

Congrats bro Anmol Mishra you got PERTAMAX...! hehehehe...
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